ट्रेनें रद्द करने से लेकर प्रदर्शन रोकने तक आख़िर क्यों की जा रही है लोकतंत्र की हत्या — प्रकाश राज
लोकतंत्र में जनता की आवाज़ दबाने, विरोध प्रदर्शनों को रोकने और ट्रेनें रद्द करके नागरिकों को उनके अधिकारों से वंचित करने पर प्रकाश राज का तीखा और बेबाक सवाल— "Fraaand, डर किस बात का है?" क्या जनता को अपनी बात कहने का हक़ भी नहीं बचा है? इस पूरे मुद्दे पर आपकी क्या राय है? कमेंट सेक्शन में जरूर बताए
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